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Kṣetra Kṣetrajña Vibhāga Yoga

क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग · अध्याय 13:

आज की लय

सुनें · 13.25–13.29
सस्वर पाठ
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5 श्लोक · अनुवाद
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मनन

वह कौन है जो इस सबको चुपचाप बीतते हुए देख रहा है?

अन्ये त्वेवमजानन्तः श्रुत्वाऽन्येभ्य उपासते

तेऽपि चातितरन्त्येव मृत्युं श्रुतिपरायणाः

॥ १३.२५ ॥

परन्तु इनसे दूसरे अर्थात् जो मन्दबुद्धिवाले पुरुष हैं, वे इस प्रकार न जानते हुए दूसरों से अर्थात् तत्त्व के जानने वाले पुरुषों से सुनकर ही तदनुसार उपासना करते हैं और वे श्रवणपरायण पुरुष भी मृत्यु रूप संसार सागर को निःसंदेह तर जाते हैं।

अनुवाद

आज पूरा करने से आपका दीया जलता है