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Kṣetra Kṣetrajña Vibhāga Yoga
क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग · अध्याय 13:
कर्म
भक्ति
ज्ञान
आज की लय
सुनें · 13.13–13.18
सस्वर पाठ
पढ़ें · 13.13–13.18
6 श्लोक · अनुवाद
मनन
वह कौन है जो इस सबको चुपचाप बीतते हुए देख रहा है?
सर्वतः पाणिपादं तत्सर्वतोऽक्षिशिरोमुखम्
सर्वतः श्रुतिमल्लोके सर्वमावृत्य तिष्ठति
॥ १३.१३ ॥
वह सब ओर हाथ-पैरवाला, सब ओर नेत्र, सिर और मुखवाला तथा सब ओर कानवाला है। क्योंकि वह संसार में सबको व्याप्त करके स्थित है।
अनुवाद
आज पूरा करने से आपका दीया जलता है