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Kṣetra Kṣetrajña Vibhāga Yoga

क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग · अध्याय 13:

आज की लय

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6 श्लोक · अनुवाद
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मनन

वह कौन है जो इस सबको चुपचाप बीतते हुए देख रहा है?

सर्वतः पाणिपादं तत्सर्वतोऽक्षिशिरोमुखम्

सर्वतः श्रुतिमल्लोके सर्वमावृत्य तिष्ठति

॥ १३.१३ ॥

वह सब ओर हाथ-पैरवाला, सब ओर नेत्र, सिर और मुखवाला तथा सब ओर कानवाला है। क्योंकि वह संसार में सबको व्याप्त करके स्थित है।

अनुवाद

आज पूरा करने से आपका दीया जलता है