दिन 54 / 126
Jñāna Vijñāna Yoga
ज्ञान विज्ञान योग · अध्याय 7:
कर्म
भक्ति
ज्ञान
आज की लय
सुनें · 7.19–7.24
सस्वर पाठ
पढ़ें · 7.19–7.24
6 श्लोक · अनुवाद
मनन
ऐसा क्या है जिसे मैं शब्दों में समझता हूँ, पर अब तक जिया नहीं?
बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते
वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः
॥ ७.१९ ॥
बहुत जन्मों के अन्त के जन्म में तत्त्व ज्ञान को प्राप्त पुरुष, सब कुछ वासुदेव ही है—इस प्रकार मुझ को भजता है, वह महात्मा अत्यन्त दुर्लभ है।
अनुवाद
आज पूरा करने से आपका दीया जलता है