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Mokṣa Sannyāsa Yoga

मोक्ष सन्न्यास योग · अध्याय 18:

आज की लय

सुनें · 18.25–18.30
सस्वर पाठ
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पढ़ें · 18.25–18.30
6 श्लोक · अनुवाद
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मनन

यह सारा भार अकेले ढोना छोड़ देना कैसा लगेगा?

अनुबन्धं क्षयं हिंसामनपेक्ष्य च पौरुषम्

मोहादारभ्यते कर्म यत्तत्तामसमुच्यते

॥ १८.२५ ॥

जो कर्म परिणाम, हानि, हिंसा और सामर्थ्य को न विचार कर केवल अज्ञान से आरम्भ किया जाता है—वह तामस कहा जाता है।

अनुवाद

आज पूरा करने से आपका दीया जलता है