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Mokṣa Sannyāsa Yoga

मोक्ष सन्न्यास योग · अध्याय 18:

आज की लय

सुनें · 18.7–18.12
सस्वर पाठ
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6 श्लोक · अनुवाद
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मनन

यह सारा भार अकेले ढोना छोड़ देना कैसा लगेगा?

नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते

मोहात्तस्य परित्यागस्तामसः परिकीर्तितः

॥ १८.७ ॥

(निषिद्ध और काम्य कर्मों का तो स्वरूप से त्याग करना उचित ही है) परंतु नियत कर्म का स्वरूप से त्याग उचित नहीं है। इसलिये मोह के कारण उसका त्याग कर देना तामस त्याग कहा गया है।

अनुवाद

आज पूरा करने से आपका दीया जलता है